95 में से 32 नहरें बंद, सिंचाई हो रही प्रभावित

चंपावत जिले में करीब एक-तिहाई नहरें बंद हैं। बंद नहरों को शुरू करना भी चुनौती बन रहा है। 95 नहरों में से 32 नहरें बद हो गई है। 1115 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई के बजाय महज 733 हेक्टेयर एरिया में ही सिंचाई हो पा रही है।

पहाड़ में किसान मुख्य रूप से बारिश पर आश्रित हैं, लेकिन समय पर बारिश नहीं होने से उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है। वैसे भी ढेरों नहरें बंद हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सिंचाई साधनों की कमी से किसानों को दिक्कत झेलनी पड़ती है। करीब 27 हजार हेक्टेयर खेती योग्य जमीन में सिंचाई व लघु सिंचाई विभाग की नहर और गूलों से बमुश्किल 15 प्रतिशत में ही सिंचाई की सुविधा है।

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