पारा चढ़ते ही गहराने लगा जल संकट

संवाद सहयोगी, चम्पावत : पर्वतीय क्षेत्रों में भी पारा चढ़ने के साथ-साथ पानी के संकट का ग्राफ भी लगातार बढ़ रहा है। लोग हैंडपंप और प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर बने हुए हैं और कई किमी पैदल चलकर पानी भरने को विवश हैं।

पिछले दिनों हुई बारिश से कुछ राहत मिली है, लेकिन जल संकट पर लगाम नहीं पाई है। नगर क्षेत्र में जल संस्थान दो दिन छोड़कर लोगों को पानी मुहैया करा रहा है। नलों में दो दिन बाद पानी लोगों का जमावड़ा लग रहा है। घर के नलों तक पानी न पहुंचने से स्टैंड पोस्टों में लोगों की लंबी लाइन देखने को मिल रही हैं। बारिश होने के बावजूद प्राकृतिक जल स्रोत फुल रिचार्ज नहीं हो पाए हैं। जल संकट से निपटने के लिए भी जल संस्थान तैयारियों में जुट गया है। महकमे ने पेयजल से निपटने के लिए आपूर्ति करना शुरू कर दिया है। टैंकर के जरिए जीआइसी, कनलगांव और एक पिकअप के जरिए मल्ली बाजार व गली मोहल्लों में पानी की सप्लाई की जा रही है। लोग पानी के लिए कई किमी चलने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तो और भी बुरा हाल बना हुआ है। धौरे-नाले से पानी लाकर लोग अपनी प्यास बुझा रहे हैं। प्राकृतिक जल स्रोतों पर ही लोगों की निर्भरता बनी हुई है। आने वाले दिनों में बढ़ती गर्मी के साथ ही जल संकट भी बढ़ने की उम्मीद है।

Read More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *